पर गहनामल साफ नट गया ‘क्षमा करना भाई, हमने तय किया है कि उधार करना ही नहीं है।
2.
ऐसे में इस महँगाई में अपना घर-परिवार चलाने के लिए हाड़-तोड़ मेहनत करने के बाद भी हर महीने किसी का उधार करना पड़ता है।
3.
गांव में लाखन चाचा को बुवाई के लिए टै्रक्टर भी कहां मिल पाता है, ट्रैक्टरों वाले बडे किसान अच्छी तरह जानते हैं कि लाखन चाचा पर ट्रैक्टर का भाडा भी फसल तक उधार करना पडेगा।